ज़मीं पर रह कर आसमां को छूने की फितरत है मेरी, पर गिरा कर किसी को ऊपर उठने का शौक़ नहीं मुझे।
जब मैं खुद अपनी किस्मत हूँ और खुद अपनी हुकूमत।
ना gaadi … ना bullet … ना ही रखे हथियार … एक है सीने में जिगरा और दुसरे ✌ जिगरी yaar
हिल जाए जहान सारा जब गूंजे महाकाल का नारा।
अपनी औकात में रहना सीख बेटा वर्ना जो हमारी आँखों में खटकते है, वो श्मशान में भटकते है
हम वो इंसान हैं जिन्हें खामोशी से रहना पसंद है, लेकिन जब बोलते हैं तो तूफान मचा देते हैं…! ️
फितरत में नहीं है हर किसी का हो जाना, वरना ना प्यार की कमी थी ना प्यार करने वालों की.. !
जिनमें अकेले चलने का होंसला होता हैं, उनके पीछे एक दिन काफिला होता है ✊
वो कुत्तों का काम है बेवजह भौंकते रहना,
एक दिन भी न निभा सकेंगे वो मेरा किरदार, वो जो लोग मुझे मशवरे देतें हैं हजार।
⚖️ हिसाब बराबर करने Attitude Shayari में हमें कोई दिक्कत नहीं, लेकिन मौका मिलने का इंतज़ार है…! ⏳
और कुछ तो कर नहीं सकते इसलिए बुराई करते हैं.. !!
जिनके मिज़ाज दुनियाँ से अलग होते है, महफ़िलों मैं चर्चे उन्ही के ग़जब होते है।
दुख में भी आत्मसम्मान बना रहता है। यह शायरी दिल के दर्द को दर्शाते हुए भी गर्व से खड़े रहने का संदेश देती है, कि दुख के बाद भी आप मजबूती से उभर सकते हैं।